खजूर छुहारा khajur chhuhara gun labh fayde upyog

खजूर छुहारा – बेहतरीन आयुर्वेदिक टॉनिक – 12 स्वास्थ्य लाभ

खजूर छुहारा अरब देशों का (English: Dates, botanical name: Phoenix dactylifera) एक बेहतरीन लोकप्रिय आहार है. भारतीय चिकित्सा में भी प्राचीन काल से ही खजूर व छुहारा (सुखाई गयी खजूर) से कई विसंगतियों व कमजोरियों का इलाज किया जाता रहा है.

आने आली सर्दियों में यदि आप इसे उपयोग करते  हैं तो पा सकते हैं बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ. आईये जानते हैं क्या हैं खजूर छुहारा के गुण और लाभ फायदे.

खजूर छुहारा – क्या है भेद

खजूर और छुहारा दोनों एक ही फल के नाम हैं. ताज़े फल को खजूर कहा जाता है जबकि सुखाई हुई खजूर को छुहारा नाम दिया गया है.

खजूर छुहारा के गुण

खजूर छुहारा गहरापन लिए लाल रंग का मीठा और हल्का कसैला फल है. छुहारे कफ़नाशक, रूखे और गर्म प्रकृति के होते हैं. दूध के साथ छुहारा एक उत्तम टॉनिक माना जाता है.

इसकी तुलना बादाम और किशमिश (दोनों को मिला कर बने आहार) से की जा सकती है.

छुहारा रुचिकारक, हृदय के लिए हितकारी, तृप्तकारी,पुष्टिकारक, वीर्य-बलवर्द्धक, क्षय (टी.बी.), रक्तपित्त, वातज्वर, वमन, वात और कफरोगों को दूर करता है.

यह रक्त को शुद्ध करता है तथा शरीर को पुष्टि देता है.

खजूर छुहारा khajur chhuhara gun labh fayde upyog

USDA National Nutrient data base के अनुसार, खजूर में निम्न प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं.

Dates (Phoenix dactylifera), medjool, Nutritive Value per 100 g. 
Principle Nutrient Value Percentage of RDA
Energy 277 Kcal 14%
Carbohydrates 74.97 g 58%
Protein 1.81g 3%
Total Fat 0.15 g <1%
Cholesterol 0 mg 0%
Dietary Fiber 6.7 g 18%
Vitamins
Folates 15 µg 4%
Niacin 1.610 mg 10%
Pantothenic acid 0.805 mg 16%
Pyridoxine 0.249 mg 19%
Riboflavin 0.060 mg 4.5%
Thiamin 0.050 mg 4%
Vitamin A 149 IU 5%
Vitamin C 0 mg 0%
Vitamin K 2.7 µg 2%
Electrolytes
Sodium 1 mg 0%
Potassium 696 mg 16%
Minerals
Calcium 64 mg 6.5%
Copper 0.362 mg 40%
Iron 0.90 mg 11%
Magnesium 54 mg 13%
Manganese 0.296 mg 13%
Phosphorus 62 mg 9%
Zinc 0.44 mg 4%
Phyto-nutrients
Carotene-ß 89 µg
Crypto-xanthin-ß 0 µg
Lutein-zeaxanthin 23 µg

छुहारे में पोटैशियम, कॉपर, मैंगनीज, मैग्नीशियमव कैल्शियम काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जिस कारण हडि्डयों की कमजोरी, दांतों का गलना आदि छुहारा खाने से ठीक हो जाते हैं.

छुहारे को एक पूर्ण आयुर्वेदिक टॉनिक के रूप में जाना जाता है. इसे बच्चों, पुरुष, महिला सब के लिये; एक उत्तम व सस्ता पोषक आहार बताया गया है.

खजूर छुहारा khajur chhuhara gun labh fayde upyog

खजूर छुहारा के 12 स्वास्थ्य लाभ और उपयोग

1. नपुंसकता निवारक रसायन (Tonic for impotency)

नपुंसकता और अन्य शारीरिक कमजोरी के लिये छुहारे को दूध में देर तक उबालकर दूध समेत खाने से लाभ मिलता है.

समान मात्रा में मिश्री मिले दूध में छुहारों को उबालकर गुठली हटाकर खाने से नपुंसकता दूर होती है और वीर्य, बल, बुद्धि बढ़ती है.

रात को पानी में 2 छुहारे और 5 ग्राम किशमिश भिगो दें. सुबह पानी से निकालकर दोनों मेवे दूध के साथ खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है.

2. बच्चों का शैय्या मूत्र (bed wetting)

यदि बच्चे बिस्तर में पेशाब करते हो तो नित्य रात सोते समय 2 छुहारे खिलायें. लाभ मिलेगा.  250 मिलीलीटर दूध में 2 छुहारे डालकर उबाल लें. जब दूध अच्छी तरह से उबल जाये और उसके अन्दर का छुआरा फूल जाये तो इस दूध को ठण्डा करके छुआरे को चबाकर खिलाने के बाद ऊपर से बच्चे को दूध पिला दें. ऐसा करने से कुछ दिनों में ही बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है.

3. शीघ्रपतन (Premature ejaculation)

दो छुहारे नित्य खाने से शीघ्रपतन के रोग में लाभ मिलता है व जिनकावीर्य पतला निकलता है वह भी गाढ़ा हो जाता है।

4. बार-बार पेशाब आना (Excessive urination)

यदि बुज़ुर्ग बार-बार पेशाब जाते हों तो उन्हें नित्य 2 छुहारे खिलाना चाहिए तथा रात को 2 छुहारे खिलाकर दूध पिलाना चाहिए।

5. कब्ज (Constipation)

सुबह-शाम 3 छुहारे खाकर गर्म पानी पियें. छुहारे सख्त होने से खाना सम्भव न हो तो दूध में उबालकर ले सकते हैं. छुहारे रोजाना खाते रहने से बवासीर, स्नायुविक दुर्बलता, तथा रक्तसंचरण ठीक होता है.

रात को छुहारे पानी में भिगोकर  इन्हें सुबह के समय चबा-चबाकर खाएं. भोजन कम मात्रा में करें या रात को 2 छुहारे उबालकर भी ले सकते हैं. इससे कब्ज ठीक हो जाती है.

6. मोटापा (Obesity)

छुहारे में उत्तम प्रकार का फाइबर होने के कारण इसका उपयोग मोटापे में लाभकारी रहता है.

7. खांसी, सर्दी, दमा और श्वास रोग (Asthma)

2 से 4 छुहारे नित्य मिश्री मिले हुए दूध में उबालकर गुठली हटाकर छुहारा खाने के बाद वहीं दूध पीने से बहुत लाभ होता है, बलगम निकल जाता है व श्वास रोग (दमा) में राहत मिलती है।

गर्म होने के कारण छुहारा फेफड़ों और सीने को बल देता है. कफ व सर्दी में इसका सेवन लाभकारी होता है.

ऐसी भी मान्यता है कि पान में छुहारा और सोंठ रखकर चूसने से कुछ दिनों में श्वास रोग (दमा) दूर हो जाता है.

8. पित्त और अफारा ( Acidity & flatulence)

बिना गुठली का एक छुहारा व 30 ग्राम जयपाल खोपरा, 2 ग्राम सेंधानमक को पीसकर, छानकर 3 खुराक बना लें. इस खुराक को सुबह गर्म पानी के साथ लेने से गैस सम्बंधित पेट के रोग समाप्त हो जाते हैं.

9. हकलाना, तुतलाना (Stammering)

सोते समय प्रतिरात्रि छुहारों को दूध में उबालकर पियें। 2 घण्टे बाद तक पानी न पियें। इसके रोजाना प्रयोग से हकलाना तुतलाना ठीक होता है और आवाज साफ हो जाती है.

10. पक्षाघात (Paralysis)

दूध में छुहारा भिगोकर  खाने से लकवे के रोग में लाभ प्राप्त होता है, विशेषकर चेहरे के लकवे में (facial paralysis).

11. कमर व जोड़ों के दर्द (Arthritic pain)

छुहारे से गुठली निकालकर उसमें शुद्ध गुग्गुल भर दें.  इसके बाद छुहारे को तवे पर सेंककर दूध के साथ सेवन करें.  प्रात:  सांय 1-1 छुहारा खाने से कमर व जोड़ों का दर्द मिट जाता है. गुग्गुल के बिना भी सुबह-शाम 2 छुहारों को खाने से शरीर दर्द में लाभ होता है.

12. स्वर भंग (Hoarseness)

सोते समय 1 छुहारा दूध में उबालकर खा ले और ऊपर से दूध को पी ले.  इसके सेवन के 2 घंटे तक पानी न पिये. गला व आवाज साफ साफ हो जायेंगे.

खजूर छुहारा के योग और व्यंजन

1 छुहारे का हलवा

गुठली रहित 250 ग्राम छुहारे, 250 ग्राम भुने चने, 100 ग्राम गेहूं का आटा, 60-60 ग्राम चिलगोजा, बादामगिरी, 250 ग्राम गाय का घी, 500 ग्राम शक्कर और 2 लीटर गाय का दूध.

दूध में छुहारों को नर्म कोमल होने तक उबालें.

फिर निकालकर बारीक पीस लें और फिर उसी दूध में हल्की आग पर खोवा/मावा बनने तक तक पकाएं.

अब घी को आग पर गर्म करके गेहूं का आटा डालकर गुलाबी होने तक धीमी आग में सेंक लें.

इसके बाद इसमें चने का चूर्ण और खोवा डालकर फिर धीमी आग पर सुनहरी होने तक भूने.

जब सुगंध आने लगे तो इसमें शक्कर डालकर खूब अच्छी तरह मिलाएं.

हलवा तैयार है. अब इसमें बाकी सारी चीजों को भी डाल दें.

इसे  गाय के गर्म दूध के साथ नित्य सेवन करने से हर प्रकार की कमजोरी मिट जाती है.

2 छुहारे का अचार

लगभग 1 किलो छुहारे लेकर पहले नींबू के रस में इन्हें 5 दिन तक भिगोकर रखें।

जब छुहारे फूल जाए तो अन्दर के बीजों को निकालकर निम्नवस्तुओं के  मिश्रण से भर दें:

कालीमिर्च, पीपल, तज तीनों की 100 ग्राम, सोंठ, जीरा, शाहजीरा तीनों की 50 ग्राम, कालानमक 100 ग्राम, चीनी 500 ग्राम सभी को कूट पीसकर मिश्रण को तैयार कर लें. छुहारे में इस मिश्रण को भरकर एक बर्नी में डाल दे;  ऊपर से नींबू का रस निचोड़ दे.

इस बर्तन को 4-5 दिन धूप में खुला रख दे. अचार तैयार है.

इस अचार को भोजन के समय या बाद में खा सकते हैं. यह अचार पाचक व रुचिवर्द्धक होता है तथा अपचन को दूर करता है.

(यह दोनों व्यंजन पाठकों से प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बना कर उपयोग करने का निजी अनुभव नहीं है. इसलिए बनाते समय अपने विवेकानुसार बदलाव करना उचित रहेगा)

सारशब्द

छुहारा व खजूर पुष्टिकारक फल है, जिसका उपयोग हमें कई प्रकार से लाभ देता है.

अधिकतर योगों में प्राय: छुहारे को दूध में उबालकर लेने का विधान है.

यदि किसी कारणवश आप दूध नहीं लेते हैं तो खजूर छुहारा का अचार या चटनी बना कर भी लाभ लिया जा सकता है.





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