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माइग्रेन के घरेलू उपचार एवं योगक्रिया

amrud ke patton ke gun labh fayde

 

मायग्रेन (Migraine Headache) एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। माइग्रेन मे रोगी को बेचैन कर देने वाला दर्द होता है. मायग्रेन को कई नामो से जाना जाता है. इसे आधे सिर का दर्द, सुदा निसफई, सकिका, अधकपारी इत्यादि भी कहा जाता है.

कई बार दवाइयां मेडिसिन्स से भी मायग्रेन का दर्द कम नही होता है.
यह दर्द सुबह से ही शुरू हो जाता है, दिन मे यह दर्द काफ़ी तेज हो जाता है. मायग्रेन का सही समय पर इलाज होना ज़रूरी है क्योंकि इस दर्द से रोगी बेचैन हो जाता है और ग़लत मेडिसिन्स का सेवन करने लगता है. जिसकी वजह से दूसरी और बीमारिया रोगी को लग जाती है.

लेकिन मायग्रेन को सफल घरेलू उपचार के ज़रिए ठीक किया जा सकता है. 

माइग्रेन के कारण

मायग्रेन किस कारण होता है यह भी जानना ज़रूरी है. मायग्रेन की मुख्य वजह है, चिंता करना, देर रात तक काम करना, मानसिक दुर्बलता, जुकाम (कोल्ड), नजला, कब्ज, मलेरिया का प्रभाव इत्यादि.

महिलाओं मे मायग्रेन के मुख्य कारण है, हिस्टीरिया, अधिक शारीरिक या मानसिक कार्य करना, सदमा लगना, बेवजह परेशान रहना, तनाव, इत्यादि. पुरुषो की तुलना मे महिलाए मायग्रेन से अधिक पीड़ित रहती है.

कुछ शोधों के अनुसार अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत लोग इस समस्या से ग्रसित है. यदि इंडिया की बात कहे तो इसका आकड़ा 30 प्रतिशत से भी कही ज़्यादा है. मायग्रेन के दौरान सरदर्द, जी मचलना, उल्टी जैसी समस्या होती है.

माइग्रेन के लक्षण

सिर मे दर्द अधिक होना
सिर के लेफ्ट या राईट भाग मे दर्द होना
दर्द की वजह से उल्टी (वॉमिटिंग) आना
सिर मे दर्द के साथ शरीर मे सुन्न्ता भी आ सकती है
आधे सिर मे दर्द हमेशा बने रहना.
यह दर्द सिर से शुरू होकर आँख और जबड़े तक फैल जाता है और पेशेंट को अत्यधिक दर्द होता है. ये सब मायग्रेन के मुख़्य लक्षण होते है. 

माइग्रेन समस्या के नॅचुरल अचूक उपाय

प्राणायाम, योगा, माइग्रेन के इलाज मे काफ़ी लाभदायक घरेलु योग है. रोज सुबह कम से कम 20 मिनिट प्राणायाम करने से मायग्रेन के मरीज को फायदा मिलता है.

माइग्रेन का दर्द होने पर आप देशी खी मे गुड खाए, यह आधे सिर मे होने वेल दर्द से निजात दिलाता है.

यदि दर्द सुबह से ही होने लगे तो आप दूध (मिल्क) मे जलेबी या रेबड़ी का सेवन करे. ऐसा करने से आधे सिर का दर्द रुक जाता है.

मायग्रेन के दर्द के साथ यदि उल्टी (वॉमिटिंग) हो रही हो तो खाने के समय मे रोगी को शहद (हनी) खिलाए. ऐसा करने से उल्टी और दर्द बंद हो जायगा.

यदि दर्द सुबह से ही शुरू हो जाता है तो तुलसी के पत्तो को छाया मे सुखाकर उसका चूर्ण बना ले और फिर इसमे शहद (हनी) मिलकर दिन मे 3 बार चाटें.

आधे सिर के हिस्से मे दर्द ज़्यादा हो तो आप रोगी को आधा चम्मच शहद (हनी) मे आधा चम्मच नमक (सॉल्ट) मिलकर चटायें.

हींग  भी मायग्रेन के दर्द से आराम देने मे असरकारी है. आप पानी (वॉटर) मे हींग को अच्छी तरह से घोल ले फिर इसे सूँघे और इसका लेप माथे (फॉर हेड) पर लगाए.

अंगूर (ग्रेप्स) का रस सुबह पीने से मायग्रेन के दर्द से निजात मिलती है.

सुबह से शुरू होने वेल दर्द मे आप सुबह-सुबह ही 150 गम पानी (वॉटर) मे 50 गम शक्कर (शुगर) मिलाकर धीरे-धीरे पिए. यह सिर दर्द से मुक्ति दिलवाता है.

आधे सिर के दर्द से निजात पाने के लिए आप सूर्योदय (सन्राइज़) से पहले उठकर 25 ग्राम खील को शहद (हनी) के साथ सेवन करे और फिर आधे घंटे की नींद ले, ऐसा 1 हफ्ते तक करने से मायग्रेन के दर्द से मुक्ति मिलती है.
लहसुन (गार्लिक) मायग्रेन के दर्द से निजात दिलवाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. लहसुन को पीस कर उसका लेप दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द से निजात मिलती है, साथ ही आप लहसुन के रस की 2 छोटी बूंदें (Drops) नाक (Nose) मे डाले.

JAIDEV YOGACHARYA ( THERAPIST & AYURVEDA ) MOB.+917837139120 SARAV DHARAM YOG ASHRAM


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