महाशिवरात्रि पर्व – प्रेरणादायी दंतकथा

  महादेव शिव अति दयालू हैं, कृपा निधान हैं. भक्तों की सहायता के लिए आतुर हो जाते हैं.  एक महाशिवरात्रि पर्व दृष्टान्त इस प्रकार है… एक शिकारी जंगली जानवरों का शिकार कर अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था। हमेशा शिकार नहीं मिलने के कारण  वह एक महाजन से क़र्ज़ भी लेता रहता था.

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धीरज की महिमा

धीरज की महिमा

सन्त ने कहा  . . . “मनुष्य में धैर्य हो तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है।।” आलोचक ने प्रश्न किया  . . . “क्या धैर्य से आप छलनी में पानी को ठहरा सकते हो ? क्या यह सम्भव है ?” सन्त ने उत्तर दिया… ‘पानी’ को ‘बर्फ़’ बनने तक का ‘धैर्य’ […]

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मौनी दीक्षा

एकदा महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे वार्तालाप कर रहे थे ! तभी एक घुमक्कड़ साधु उनके पास आया ;उसने बुद्ध से कहा -भगवन मेरे पास न बुद्धि है न चातुर्य न तो मेरे पास अच्छे शब्द हैं और न ही कुशलता अत: मैं आपसे कोई प्रश्न या जिज्ञासा करने की स्थिति में भी […]

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गुरु निष्ठा की पराकाष्ठा

गुरु निष्ठा की पराकाष्ठा

यह एक सत्यकथा है जिससे बेहतर गुरु निष्ठा की पराकाष्ठा का उद्धरण शायद मिल पाना असम्भव हो. गुरु निष्ठा – परिदृश्य प्राचीनकाल में गोदावरी नदी के किनारे वेदधर्म मुनि के आश्रम में उनके शिष्य वेद-शास्त्रादि का अध्ययन किया करते थे। एक दिन गुरु ने अपने शिष्यों की गुरुभक्ति की परीक्षा लेने का विचार किया। सत्शिष्यों में गुरु के […]

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The Yashodhara spirit

Gautam left Yashodhara, his wife in the middle of the night, the night their son was born. When she heard the news, she was devastated. Yet, she did not complain. But her life had lost all meaning. The only reason for her to live now was her son. She wanted him to grow up to be […]

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जाप सिमरन की महता jaap simran ki mehta guru nanak dev

जाप सिमरन की महता -गुरु नानक देव के श्रीमुख से

गुरु नानक देव जी सतत राम नाम का सिमरन किया करते थे. जाप सिमरन की महता के बारे में सबको बताया भी करते थे. संसार का भ्रमण करते हुए एकदा गुरु नानक देव जी अपने प्रिय शिष्य मरदाना के साथ बर्फीले पहाड़ों के जँगल में से जा रहे थे. चलते – चलते काफी समय बाद […]

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