डायबिटीज की एलोपैथिक दवाओं के दुष्परिणाम जग जाहिर हैं.
और मेहन्ता (Mehanta) इनका अचूक कारगर विकल्प है.
एलोपैथिक दवाओं के उपयोग से डायबिटीज़ कण्ट्रोल करते करते कई अन्य रोग जकड़ लेते हैं.
साथ ही किडनी की खराबी, लिवर की खराबी, पेट की खराबी, BP जैसे विकार भी पनप जाते हैं.
Metformin, Sulfonylureas, Alpha-glucosidase inhibitors,
Thiazolidinediones, Meglitinides इत्यादि सभी के घातक दुष्परिणाम होते हैं. (देखिये शोध परिणाम 1, 2, 3)
इन दवाओं के लम्बे उपयोग से लिवर और किडनी खराब होने का खतरा तो रहता ही है.
साथ ही ब्लड प्रेशर बढ़ना, एसिडिटी रहना और IBS संग्रहणी जैसे रोग लग जाते हैं.
विटामिन्स और मिनरल्स की कमी भी होने लगती है (4)
मेहन्ता (Mehanta) एक सम्पूर्ण आयुर्वेदिक उत्पाद है
जिसके सभी संयोजक तत्व आयुर्वेद सम्मत हैं और शोध विज्ञान द्वारा प्रमाणित भी. (देखिये यह शोध पत्र 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17,18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26)
इसके उपयोग से डायबिटीज में आश्चर्यजनक लाभ मिलता है.
और शरीर में उर्जा का भी संचार होता है.
इन्सुलिन निष्क्रियता डायबिटीज का बड़ा कारण होती है.
मेहन्ता (Mehanta) के निरंतर उपयोग से इन्सुलिन सक्रियता भी बढ़ती है.
चयापचय क्रिया में सुधार होता है और ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायता मिलती है.
मेहन्ता (Mehanta) के संयोजक तत्व
Vinca rosea ext, Murraya koenigii ext , Pterocarpus marsupium ext , Tinospora cordifolia ext, Berberis Aristata ext, Syzygium jambolana ext, Trigonella foenumcraceum, Emblica officinalis ext, Momordica charantia ext, Shilajit, Yashad bhasm, Trivang Bhasm and Trikatu.
पैकिंग
90 Capsules in HDPE bottle
लेने की विधि
एक गोली भोजन से 15-20 मिनट पहले दिन में दो या तीन बार पानी के साथ या चिकित्सक के विशेष निर्देशानुसार.
सुधार के साथ साथ मात्रा घटाते जाना चाहिये.
पूरा सुधार मिलने पर केवल दो या एक बार लेना ही पर्याप्त रहता है.
यदि आप कोई एलोपैथिक दवाएं ले रहे है तो अपनी शुगर लेवेल्स की निरंतर जांच करते रहें
और सुधार के अनुसार एलोपैथिक दवाओं का उपयोग धीरे धीरे कम करते हुए बन्द कर दें.
यदि इस टॉनिक या औषधि सम्बन्धी आपके कोई प्रश्न या जिज्ञासा हैं तो 7889150990 पर WhatsApp सन्देश द्वारा या संपर्क कर समाधान ले सकते हैं