अमृतयोग (Amrit Yog)

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अमृतयोग एक ऐसा उन्नत टॉनिक है जो आपको रोगमुक्त रख लम्बे समय तक जवान रख सकता है.

वैज्ञानिक शोध एकमत हैं कि अमृतयोग के घटकों के नित्य उपयोग से बेहतरीन उर्जा, सकारात्मकता और रोग प्रतिरोधक क्षमता  मिलती है, और लम्बे समय तक जवान रहा जा सकता है.

इसके नित्य उपयोग से शरीर में उर्जा का संचार होता है. जल्दी थकान महसूस नहीं होती. काम करने में मन लगा रहता है. शारीरिक शक्ति और कामशक्ति दोनों ही उच्च स्तर में रहती हैं.

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Description

खानपान में पेस्टिसाइडस की विषाक्तता, पर्यावरण में प्रदूषण, मानसिक तनाव आजकल के जीवन के अभिन्न अंग बन गए हैं.

रोज़मर्रा की इन विसंगतियों को झेलने में रोगप्रतिरोधक क्षमता क्षीण होती जाती है और हम जल्दी ही बुढापे की ओर बढ़ने लगते हैं. इस विषमय माहौल के कारण आर्थराइटिस, थाइरॉइड, IBD, IBS, गाउट, डायबिटीज, एलर्जी जैसे रोग इस ज़माने के अभिन्न अंग बन गए हैं.

अमृतयोग (Amrit Yog) एक ऐसा रसायन (Tonic) है जो आपको इन सबसे बचा सकता है. अमृतयोग (AmritYog)

अमृतयोग चुनिन्दा वनस्पतियों और रसायनों का उत्कृष्ट समावेश है. इसमें डाले गए कुल घटकों में से चार तिब्बतन चिकित्सा पद्धति में भी उपयोग किये जाते हैं. तिब्बतन चिकत्साशास्त्र का मत है कि इन वनस्पतियों के नित्य उपयोग से सौ साल तक जवान रहा जा सकता है.

वैज्ञानिक शोध भी एकमत हैं कि इन घटकों के नित्य उपयोग से बेहतरीन उर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जा सकती है, और  लम्बे समय तक जवान रहा जा सकता है.

अमृतयोग अनंत रूप से लाभकारी टॉनिक है.

इसके नित्य उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है.

शारीरिक शक्ति और कामशक्ति दोनों का उच्च स्तर बना रहता है.

आत्मघाती रोगप्रतिरोध (auto immune deceases) में लाभ मिलता है.

यदि एलर्जी इत्यादि हो तो निवारण होता है. इसके लगातार सेवन से कई प्रकार की एलर्जी में अभूतपूर्व लाभ देखने को मिले हैं.

शरीर में उर्जा का संचार होता है.

जल्दी थकान महसूस नहीं होती.

काम करने में मन लगा रहता है.

मानसिक शक्ति में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

अकारण भय, चिंता, व्यग्रता से मुक्ति मिलती है, सकारात्मकता का विकास होकर व्यर्थ के तनाव और डर से राहत मिलती है.

बार बार बीमारी नहीं घेरती.

बार बार के बालतोड़ होने से राहत मिलती है.

निरंतर उपयोग से शरीर के मस्से लुप्त हो जाते हैं.

आयु बढ़ने के साथ साथ हमारी चयापचय क्रियाएँ (metabolism) कमज़ोर होने लगती हैं जिससे खाया पिया सही तरीके से शरीर को नहीं लग पाता.

अमृतयोग के सेवन से metabolism में आश्चर्यजनक सुधार होता पाया गया है.

अमृतयोग उन विकारों में भी लाभकारी है जो वायरस या फंगस के कारण होते हैं. जैसे मस्से, नाखूनों की फंगस, सिर की इन्फेक्शन, हठी खुजली जो बार बार होती हो, त्वचा की एलर्जी वाले रोग जैसे urticaria इत्यादि. उम्र के बढाव के कारण होने वाले फंगल इन्फेक्शन की भी रोकथाम होती है.

यह शरीर के विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है जिस कारण धीरे धीरे पनपने वाले रोग जैसे आर्थराइटिस, डायबिटीज, थाइरोइड विकार, पेट के रोग पनपने नहीं पाते.

बुढ़ापे में होने वाले विकारों जैसे स्मरणशक्ति में कमी, भुलक्कड़पन, सही सोचने की कमी (dementia), हाथों का कम्पन (Parkinson’s decease, Alzhiemer), नसों की कमजोरी (Verico veins) इत्यादि से बचाव मिलता है.

यदि सार में कहा जाए तो अमृतयोग में वे सब खूबियाँ हैं जो आपको रोगमुक्त रख लम्बे समय तक जवान रख सकती हैं.

जब आप इसका निरंतर उपयोग करते हैं तो एक एक कर इसके लाभ सामने आने लगते हैं.

अमृतयोग (Amrit Yog) के संयोजक तत्व

अश्वगंधागोखरूगिलोयदारुहल्दी, आंवला, शिलाजीत, केवांच अमृत योग के मुख्य घटक है जिन्हें आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही स्वास्थ्य के लिए सिद्ध और बेहद उपयोगी मानते हैं. प्रति 5 ग्राम मुख्य संयोजक तत्व इस प्रकार हैं

Tribulus teristris 1000mg,

Withania somnifera 1000mg

Emblica officinalis 1000mg.

Mucuna pruriens 1000mg

Tinospora cordifolia ext 250mg

Berberis Aristata ext 250mg

Shilajit 250mg

Yashad Bhasm, Mukta Bhasm 50mg ea

Trikatu extract QS

पैकिंग

मात्रा 150 gram HDPE broad-mouth jar.

लेने की विधि

आधा चम्मच (लगभग 2-3 ग्राम) दिन में दो बार विशेषत: दूध के साथ या शहद के साथ. अन्यथा पानी के साथ या चिकित्सक के विशेष निर्देशानुसार.


यदि इस टॉनिक या औषधि सम्बन्धी आपके कोई प्रश्न या जिज्ञासा हैं तो कृपया फ़ोन नंबर 78891 50990 पर संपर्क कर समाधान ले सकते हैं

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