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पौष्टिक उड़द – 15 स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदीय नुस्खे

आयुर्वेद में पौष्टिक उड़द (Udad, Urad) को शक्ति बढ़ाने (शक्तिवर्द्धक) वाला, वज़न बढाने वाला और विभिन्न रोगों को हरने वाला बताया गया है.

इसमें विभिन्न उपचार के गुण व सामर्थ्य है।

इसकी दाल स्निग्ध, पौष्टिक, बलकारक, शुक्र, दुग्ध, मांस और मेदवर्धक; वात, श्वास और बवासीर के रोगों में हितकर

तथा पेट को साफ करने वाली बतायी गई है।

आईये जानते हैं उड़द (English name: Black gram; botanical name: Vigna mungo) के 15 औषधीय उपयोग जो इस प्रकार से हैं…

पौष्टिक उड़द के 15 आयुर्वेदीय नुस्खे

1. नपुंसकता

उड़द की दाल 40 ग्राम को पीसकर शहद और घी में मिलाकर खाने से पुरुष कुछ ही दिनों में मैथुन करने के लायक बन जाता है।

उड़द की दाल के थोड़े-से लड्डू बना लें।

इससे नुपंसकता दूर हो जाती है।

उसमें से दो-दो लड्डू खायें और ऊपर से दूध पी लें।

2. वज़न बढ़ाना

उड़द की छिलके सहित दाल खाने से दुर्बल शरीर में मांस मज्जा का निर्माण होकर वज़न बढ़ता है।

3. रति शक्ति

उड़द का एक लड्डू रोजाना खाकर उसके बाद दूध पीने से वीर्य बढ़कर धातु पुष्ट होता है और रति शक्ति (संभोग शक्ति) बढ़ती है।

4. हिचकी

साबूत उड़द जले हुए कोयले पर डालें और इसका धुंआ सूंघे।

इससे हिचकी खत्म हो जाती है।

उड़द और हींग का चूर्ण मिलाकर अग्नि में जलाकर इसका धूम्रपान करने से हिचकी में फायदा होता है।

5. सिरदर्द

उड़द दाल को भिगोकर व पीसकर ललाट पर लेप करने से गर्मी से हुआ सिरदर्द ठीक हो जाता है।

6. फोड़े

फोड़े से गाढ़ी पीव निकले तो उड़द की पट्टी बांधने से लाभ होता है।

7. पेशाब के साथ धात (वीर्य) में

उड़द दाल का आटा 10 से 15 ग्राम लेकर उसे गाय के दूध में उबालें,

फिर उसमें घी डालकर थोड़ा गर्म-गर्म 7 दिनों तक लगातार पीने से मूत्र के साथ धातु का निकलना बन्द हो जाता है।

8. बार-बार पेशाब आना

आंवले का रस, शहद से या अडूसे का रस जवाक्षार डालकर पीने से पेशाब का बार बार आना बन्द होता है।

अगर एक चम्मच आंवले के रस में, आधा चम्मच हल्दी और 1 चम्मच शहद मिलाकर खाये तो पूरा लाभ होता है।

9. सफेद दाग

उड़द के आटे को भिगोकर व पीसकर सफेद दाग पर नित्य चार महीने तक लगाने से सफेद दाग खत्म हो जाते हैं। काले उड़द को पीसकर सफेद दागों पर दिन में 3-4 बार दागों में लगाने से सफेद दागों का रंग वापस शरीर के बाकी रंग की तरह होने लगता है।

10. बालों के रोग

200 ग्राम उड़द की दाल, 100 ग्राम आंवला, 50 ग्राम शिकाकाई, 25 ग्राम मेथी को कूटकर छान लें।

इस मिश्रण में से 25 ग्राम दवा 200 मिलीलीटर पानी के साथ एक घंटा भिगोकर रख दें

और इसके बाद इसको मथ-छानकर बालों को धो लें, इससे बालों के रोगों में लाभ होता है।

11. प्रसूता महिलाओं के लिये

उड़द की दाल में घी मिलाकर खाने से स्त्रियों के स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।

12. कमजोरी

उड़द की दाल का लड्डू रोजाना सुबह खाकर ऊपर से दूध पीने से कमजोरी कम होती है।

13. गंजापन

उड़द की दाल उबालकर पीस लें और इसको रात को सोते समय सिर के गंजेपन की जगह पर लेप करें, लगायें।

इससे बाल उग आते हैं।

गंजापन धीरे-धीरे दूर होकर नये बाल आने शुरू हो जाते हैं।

14. अन्नशूल से राहत

उड़द की दाल की बड़ियां (पकौड़ी) को तेल में पकाकर बना लें,

फिर इन बड़ियों को शहद और देशी घी में डालकर खाने से अन्नद्रव शूल यानी अनाज के कारण होने वाले दर्द में लाभ देता हैं।

15. नकसीर

उड़द की दाल को भिगोकर पीस लें।

इस पिसी हुई दाल को माथे पर लगाने से नकसीर अथवा नाक से खून बहना बन्द हो जाता है।

किन्हें नहीं खाने चाहिए उड़द

उड़द को  वायुकारक माना गया है.

इसे अच्छी पाचन शक्ति वाले ही इस्तेमाल करें।

बवासीर, गठिया, दमा एवं लकवा के रोगियों को उड़द का सेवन कम करना चाहिए।

उड़द की तासीर वाय्विक ठंडी होती है, अतः इसका सेवन करते समय शुद्ध घी में हींग का बघार अथवा तड़का लगा लेना चाहिए।

उड़द दाल में हींग का छौंका देने से इसके गुणों में भी वृद्धि हो जाती है।

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