मन चंचल, चल राम शरण में

मन चंचल, चल राम शरण में – यही है आनन्द की सही कुन्जी

    मनसा वाचा, कर्मणा, मैं हूँ मेरे राम, अर्पित तेरी शरण में, सहित कर्म शुभ काम ॥ मन चंचल, चल राम शरण में राम ही तेरा जीवन साथी, नित्य हितैषी, सब दिन साखी, दो दिन के हैं, ये जग वाले, हरि अंग संग है, जन्म मरण में ॥१॥   जग में तूने प्यार बढ़ाया, […]

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जगत का बोध

जगत का बोध भी करना जानिये – आत्मिक लाभ ज़रूर मिलेगा

एक सीधा सादा वैरागी साधू जिसे जगत का बोध नहीं था; विचरण करते करते थका, प्यासा हो गया था. किसी नदी के पनघट पर पहुंचा, पानी पिया और सुस्ताने का मन हुआ. पत्थर पर सिर रखकर सो गया….!!! पनघट पर पनिहारिन आती-जाती रहती हैं !!! वे आईं और साधू को सोते देखा. एक ने कहा- […]

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भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला

भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी॥

रामनवमी पर्व की बधाई, मंगल कामनाएं!! आनंद लीजिये गोस्वामी तुलसीकृत रामचरित मानस की रामावतरण चौपाईयों का, जिन्हें लगभग सभी शीर्ष गायकों ने स्वरबद्ध किया है. यह गायन स्वर्गीय जगजीत सिंह जी की प्रस्तुति है.     भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज […]

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मौन की महिमा high blood pressure tension depression gusse ka ilaj in hindi maun vrat vidhi maun vrat day maun vrat in english maun vrat in jainism maun vrat bb maun vrat month maun vrat translation in english maun vrat images maun vrat in hindi maun vrat rules in hindi maun vrat in which festival maun vrat in which month best day for mouna vratham maun vrat ekadashi maun vrat benefits maun in english mouna vratham days mouna vratham benefits how to practice maun vrat maun vrat meaning maun vrat wikipedia

मौन की महिमा – रोज़ रखिये और पाईये आश्चर्यजनक लाभ

मौन से वह सब घटित हो सकता है जो बोलने से नहीं होता। यही है मौन की महिमा. जब तक मन है तब तक सांसारिक उपद्रव हैं मन गया कि संसार भी गया; और संन्यास शुरू। यहाँ सन्यास का का अर्थ है फ़िज़ूल के विचारों और कर्मों से जुड़े रहने का भाव. योग कहता है… ध्यान की ऊर्जा और […]

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जीवन है अनमोल जीवन सार जीवन का अर्थ जीवन उपहार है

जीवन है अनमोल – जानिये, कितने भाग्यशाली हैं आप

जीवन के कई अर्थ लगाये जा सकते हैं. लेकिन सभी अर्थ और भावार्थ एक ही लक्ष्य को इंगित करते हैं. कि ‘जीवन है अनमोल’ बुरा कहने से बचें… सोचिये उनके बारे में, जो बोल भी नहीं सकते. हमें वाणी मिली है…. कितनी बड़ी ईश्वरीय देन है. जब मुख-जिव्हा स्वादिष्ट व्यंजन ही पसंद करते हैं. तो […]

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मन चंचल, चल राम शरण में

जीवन है संग्राम – जगत में कहीं नहीं विश्राम

संसार में यदि कहीं कोई जगह या स्थिति है जहाँ पूर्ण आनंद और शांति मिले… तो वह है, परमेश्वर का सानिध्य ध्यान, सिमरन, जाप, कीर्तन-भजन; सानिध्य के साधन हैं. यह गायन इसी आशय की जीवंत प्रस्तुति है. सुनिए और आनंद लीजिये अलोक सहदेव जी के इस मधुर गायन का. आप इसे डाउनलोड भी कर सकते […]

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दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं duniya-mein-sikandar-koi-nahin

दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं

सिकन्दर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!   काफी दिनों तक देश दुनियाँ में भटकने के पश्चात आखिरकार सिकन्दर ने वह जगह पा ही ली, जहाँ उसे अमृत की प्राप्ति होती !   वह उस गुफा में प्रवेश कर गया, जहाँ अमृत का झरना था, वह आनन्दित […]

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मौन भाव - अदभुत गायन, एकान्त में सुनिये

मौन भाव – अदभुत गायन, एकान्त में सुनने योग्य

संतजन हमेशा ही मौन भाव की महता समझाते रहे है. मौन भाव मौन का अभ्यास मानसिक रोगों जैसे चिंता, व्यग्रता, तनाव, संताप, अनिद्रा, ब्लडप्रेशर इत्यादि से रोगमुक्ति की अनुपम औषधि भी है. अपने आप को कभी भी, कमरे में बंद कर या किसी एकांत में, इस अनुपम प्रस्तुति का आनंद उठाईये. सुनिए, मौन भाव के […]

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राम से अनुराग करिये

राम से अनुराग करिये

राम शब्द सर्वोच्च सत्ता का द्योत्तक है, जिसका वर्णन वेदों में मिलता है. संत शिरोमणि रामानंद जी (जिनके शिष्य कबीर, रविदास, धन्ना, पीपा जैसे महात्मा संत हुए), गुरु नानक देव जी; सब ने सिमरन में राम नाम सबसे उत्कृष्ट बताया है. सुनिये इस कालजयी संगीत को और आत्मिक आनंद लीजिये… राम से अनुराग करिये   […]

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जो भजे हरी को सदा, सो परम पद पायेगा

जो भजे हरी को सदा, सो परम पद पायेगा राम जो भजे हरी को सदा, सो परम पद पायेगा देह के माला, तिलक और भस्म नहीं कुछ काम के प्रेम भक्ति के बिना, कहीं हाथ के मन आयेगा? दिल के दर्पण को सफा कर, भूल कर अभिमान को खाक हो गुरु के चरण की, तो प्रभु मिल जायेगा छोड़ […]

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महाशिवरात्रि पर्व – प्रेरणादायी दंतकथा

  महादेव शिव अति दयालू हैं, कृपा निधान हैं. भक्तों की सहायता के लिए आतुर हो जाते हैं.  एक महाशिवरात्रि पर्व दृष्टान्त इस प्रकार है… एक शिकारी जंगली जानवरों का शिकार कर अपने परिवार का भरण-पोषण किया करता था। हमेशा शिकार नहीं मिलने के कारण  वह एक महाजन से क़र्ज़ भी लेता रहता था.

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