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मेथी है अनमोल – 14 प्रमाणित, उपयोगी लाभ

मेथी methi (English name: fenugreek) का सामान्य उपयोग मसाले के रूप में आहार को विशेष सुगन्धित करने के लिये किया जाता है.

लेकिन आयुर्वेद में इसका उपयोग अनेक गुणसंपन्न औषधि के रूप में भी किया जाता है.

आयुर्वेद में सन्दर्भ है…

मेथति हिनस्ति रोगान्ह

अर्थात, यह अनेक रोगों का नाश करती है.

टॉनिक व औषधीय रूप में इसके बीजों को कई रोगों में उपयोग कर सकते हैं.

आईये मेथी के औषधीय गुणों को जाने…

मेथी का परिचय

दीपिनी, बोधिनी, चन्द्रिका, मंथा, मेन्तुलू, मेंती, वेंत्यम, मेंत्रए, उलुव, बजरुलहुल्बा, मिथ्र्या इत्यादि इसके अन्य नाम हैं.

इसे english में Fenugreek और इसका botanical name: Trigonella foenum-graecum होता है.

मेथी का पौधा

इसके बीजों में TrigonellineCholine मुख्य सक्रिय रासायनिक घटक पाए जाते हैं.

Phosphates, Lecithin, और Nucleo-albumin होने के कारण यह codliver oil के समान पोषक व बलदायक भी है, जिसे शाकाहारी उपयोग कर लाभ ले सकते है.

एक भ्रान्ति है कि मेथी की तासीर गरम होती है.

ऐसा कुछ भी नहीं है.

महाराष्ट्र, गुजरात में तो भरी गर्मियों में इसकी दाल बना कर खाई जाती है और इसका गेहूं के साथ आटा बना कर भी उपयोग किया जाता है.

मेथी के फायदे क्या है – 14 उपयोगी लाभ

आयुर्वेद में इसको वायु शमन करने वाली, कफ़ को दूर करने वाली, तथा ज्वर को नष्ट करने वाली बताया गया है.

मेथी के नुस्खे इतने हैं कि इसके बीजों को स्निग्ध, सुगन्धित, अग्निदीपक, आध्मान्हर, बल्य, वृष्य, गर्भाशय संकोचक, दुग्धवृद्धिकर, प्रमेह्नाशक, शोथहर व मृदु विरेचक बताया गया है.

1 मेथी फ्री रेडिकल्स का निस्सारण करती है.

इस कारण यह पसीने व मल, मूत्र की बदबू का नाश करती है.

2  डायबिटीज में इसके दो चम्मच नित्य लेने से इन्सुलिन की क्रियाशीलता बढ़ जाती है.

ऐसा शोधों द्वारा प्रमाणित किया चुका है.

देवियों के लिए वरदान

3 महिला रोगों, विशेषकर मासिकधर्म विकार (Menstrual disorders) व प्रदर (Leucohorrea) में इसे और सौंफ समभाग एक चम्मच दिन में दो या तीन बार लेने का विधान है.

प्रदर रोग में इसकी वर्ती बना कर धारण करने से भी लाभ मिलता है.

4 दूध बढाने के लिये इसके दो चम्मच बीजों को पीसकर पानी या दूध के साथ दिया जाता है.

5 जिन देवियों के वक्ष (Breasts) पूरे विकसित नहीं हो पाते उन्हें इसके नित्य दो चम्मच दो बार लेने पर लाभ मिलने लगता है.

इसमें समान भाग सौंफ व मिश्री भी मिलानी चाहिए.

6 त्वचा को मुलायम रखने के लिये इसे खाना व इसके आटे का लेप करना अति हितकारी है.

इसके आटे में दूध की मलाई, गुलाब जल व हल्दी मिलाने से एक उत्तम skin mask बन जाता है.

7 इसके बीजों से बनाये गए लड्डू प्रसूता (lactating mothers) को दिए जाने से दूध बढ़ जाता है,

भूख बढ़ती है, मल शुद्धि व आर्तवशुद्धि होती है.

8 मेथी के फायदे बालों के लिए भी बताये गये हैं.

बालों को झड़ने से रोकने के लिये इसके आटे का लेप लगा कर बाद में साफ़ पानी से धोने से निश्चित लाभ मिलता है.

दही और मेथी नारियल तेल मिलाकर भी सर में लगाया जाता है.

दही और मेथी दाने का हेयर मास्क बना कर लगाने से भी बाल घने हो जाते हैं.

मेथी तेल अथवा मेथी आयल भी बालों के लिये लाभकारी रहता है.

आप सोच रहे होंगे कि मेथी का तेल कैसे बनाये ?

मेथी का तेल बनाने की विधि बड़ी ही आसान है, आपको 50 गरम नारियल तेल में एक चम्मच मेथी दाना का पाउडर मिला कर गर्म भर करना होता है जिसे मेथी दाना का तेल कहा जाता है.

पीड़ा, जोड़ों के दर्द, हठी रोगों में लाभकारी

9 शरीर की पीड़ा, आर्थराइटिस में घुटनों इत्यादि की पीड़ा में इसके बीज के दो चम्मच नित्य लेने से लाभ मिलता है.

10 वातरक्त (Uric acid and gout) में मेथीदाना  लाभकारी होती है.

इसका नित्य उपयोग इन रोगों के बार बार होने से बचाता है.

आयुर्वेद सेंट्रल की यूरिक एसिड और गाउट की औषधि एनाबोल (Anabol) में मेथी भी एक घटक रहती है.

11 पेट की एसिडिटी और गैससंग्रहणी IBS, अपचन व भूख कम लगने में इसके उपयोग से तुरंत राहत मिलती है.

12 यह कृमि व शोथ नाशक होती है.

इसका उपयोग फोड़े, फुंसी, कील मुहांसे में भी लाभ करता है.

13 अतिसार (bascillary dysentry) में इसके बीज भून पीस कर, सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से तुरंत राहत मिलती है.

14 अदरक, कालीमिर्च मिला कर बनाया गया इसका काढ़ा फेफड़ों में जमी बलगम को ढीला कर बाहर निकाल देता है

जिससे छाती की जकड़न में लाभ मिलता है.

कैसे करें उपयोग मेथी

मेथी के सभी योगों में  बीज ही लिये जाते हैं.

इसके उपयोग में कोई कंजूसी नहीं होनी चाहिए, कि जरा सी मसाले में डाल दी.

मेथी दाना फॉर वेट लॉस आजकल की एक प्रचलित मान्यता है,

जिसमें यह बताया जाता है कि रोज़ एक चम्मच मेथी खाने से वज़न कम करने में सहायता मिलती है.

आरम्भ में आपको इसका स्वाद थोडा पसंद न आये, लेकिन दो तीन दिन में ही, जब जीभ के तंतु आदी हो जाते हैं;

आप इसे आसानी से  खा सकते हैं.

तीन दिन के उपयोग के बाद यह आपको बिलकुल फीकी लगेगी.

अंकुरित मेथी के फायदे  भी बहुत होते हैं.

इसको अंकुरित कर पौष्टिक नाश्ता बनाया जा सकता है.

मिस्र (Egypt) व अन्य अरब देशों में इसे अंकुरित कर खाने का ही रिवाज़ है.

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अंकुरित मेथी  Fenugreek Sprouts

आप भी अंकुरित मेथीदाना को अपने नाश्ते व सलाद में स्थान दे सकते हैं.

इसमें स्वादानुसार प्याज़, टमाटर, धनिया, नमक व् अन्य मसाले इत्यादि को मिलाया जा सकता है.

जैसा कि पहले कहा है, महाराष्ट्र में इसकी दाल भी बनाई जाती है.

सर्दियों में इसके लड्डू  बनाने का भी प्रचलन है.

इसके पत्तों का साग भी बनाया जाता है. हरी मेथी के फायदे भी काफी हद तक मेथी दाने  जैसे ही होते हैं, हालाँकि पूरे नहीं.

मेथी का पानी पीने के फायदे भी हैं. रात को दो चम्मच मेथी दाना एक कप पानी में डाल कर रख लें.

सुबह इस पानी को पी जाएँ.

इसे मेथीदाना का पानी और मेथी का पानी फॉर वेट लॉस भी कहा जाता है.

किस्में

मेथी की कई किस्में रहती है जिनमें से बड़ी मेथी व कसूरी मेथी का उपयोग भारत में अधिक होता है.

गुणों की लिहाज से दोनों के गुणधर्म लगभग एक जैसे ही होते हैं.

कसूरी मेथी का पौधा छोटा होता है फूल पीले रंग के और बीज बहुत छोटे.

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कसूरी मेथी

मेथी बीज में बड़ी मसाले वाली मेथी ही ली जाती है.

एक अन्य किस्म जिसे वनमेथी कहते हैं, गुणों में थोड़ी हीन होती है.

सारशब्द

मेथीदाना एक नित्य लेने योग्य रसायन है जिसका उपयोग कई व्याधियों में लाभ करता है.

इसके बीज खाने का लाभ आपको कई रोगों से बचा कर रख सकता है.

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