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IBS संग्रहणी – औषधियों की सेवन विधि

इस लेख में IBS संग्रहणी और पेट की सूजन की मुख्य औषधियों की सेवन विधि बताई गयी है.

अन्य वैकल्पिक औषधियों की सेवन विधि अलग से जानी जा सकती है.

पहले तीन दिन GutCLR का ही उपयोग करना चाहिये केवल विशेष परिस्थितियों को छोड़ कर जिनका उल्लेख आगे किया गया है.

गट सी एल आर (Gut-CLR) की उपयोग विधि

यह औषधि तीन काम करती है

  1. पेट की सफाई
  2. विष तत्वों की निकासी, और
  3. कब्ज़ से राहत

पहले तीन या पांच दिन या पेट के नियमित हो जाने तक, इसे दिन में एक या दो बार लेना चाहिए.

सुबह उठते ही निहार मुहं, खाली पेट एक गिलास कुनकुने या सामान्य पानी के साथ.

इसे लेने के बाद दो घंटे तक केवल पानी ही पियें अन्य कुछ भी न लें.

हाँ, अकेली चाय पी सकते हैं.

ध्येय रहे कि इससे दो या तीन बार पेट साफ़ हो जाये.

यदि सुबह की खुराक लेने पर पेट पूरी तरह से साफ़ न हो पाए (दो या तीन बार)

तो इसे रात को सोने के पहले भी लीजिये. कुनकुने या सामान्य पानी के साथ.

इसे केवल तीन या पांच दिन लेने के बाद बंद कर देना चाहिये.

सामान्यत: तीन दिन तक, यदि पहले दो दिन पेट ठीक से साफ़ न हो तो पांच दिन तक.

बाद में इसका उपयोग हर सात दिन में एक बार करना चाहिए.

इसके लिए आप साप्ताहिक अवकाश का दिन चुन सकते हैं.

IBS रोग के पूरा ठीक होने पर भी Gut-CLR का उपयोग हर सप्ताह या फिर माह में एक या दो बार अवश्य करते रहना चाहिए.

यदि आपकी IBS कब्ज़ की किस्म (IBS-C) की है, जिसमें आपको मलत्याग में एक या दो  दिन तक लगते हों;  तो आपको अपना उपचार Gut-Clr से आरम्भ तो करना चाहिए, लेकिन इसकी आदत नहीं डालनी चाहिये.

क्योंकि Gut-CLR पेट की सफाई की औषधि है कब्ज़ के स्थायी इलाज की नहीं.

पुरानी कब्ज़ के लिए सोमलो (Somalo) या फिर Cassia का ही नियमित उपयोग किया जाना चाहिये.

सोमेलो एक टॉनिक भी है और सौम्य कब्ज़ निवारक भी.

Cassia का उपयोग आँतों की मंद गति के लिए हितकारी रहता है, जो अक्सर 50 वर्ष की आयु के बाद ही परिणित होता है.

विशेष

यदि आपको रोज़ चार से अधिक बार हाजत होती हो तो आपको शुरुआत में GutCLR लेने की आवशयकता नहीं है.

आपको अपने उपचार की शुरुआत सीधे RemIBS से करनी चाहिये.

और बाद में, जब केवल एक या दो बार मल त्यागने लगें, तभी बीच बीच में (सप्ताह में एक बार) GutCLR का सेवन करना चाहिये

ताकि पेट के विषतत्वों की निकासी होती रहे.

पी बी एफ (PBF) की उपयोग विधि

PBF एक प्रीबायोटिक फाइबर्स का सम्मिश्रण है जिसका मुख्य कार्य पेट में लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देना,

आँतों को गतिशीलता प्रदान करना, पेट में पर्याप्त हाइड्रेशन रखना और घावों को आराम पहुंचाना है.

इसका उपयोग रोज़ दो बार कीजिये,

  • नाश्ते या दोपहर के भोजन (किसी भी एक के) के बाद
  • रात के भोजन के पश्चात

सामान्य और कब्ज़कारी संग्रहणी में

PBF का आधा या एक चम्मच आधे गिलास पानी में मिला कर छोड़ दें.

आधे घंटे बाद इसमें दूध (ठंडा या कुनकुना गर्म) मिलाकर गिलास को पूरा भर लें.

पीते समय आप इसमें शहद, चीनी या रूहअफज़ा इत्यादि का शरबत भी मिला सकते हैं.

कृपया ध्यान रखिये, इसमें शरबत चीनी इत्यादि पीते समय ही मिलाने चाहिए;

यदि आप पहले मिला देंगे तो मीठापन फाइबर में चला जायेगा और आपको कोई मिठास नहीं मिलेगी.

नाश्ते / दोपहर के भोजन के लगभग 15-30 मिनट बाद और फिर सोते समय इसे पी लिया करें.

यदि आपको दूध नहीं पचता हो तो केवल पानी ही मिलाया जा सकता है.

ठन्डे दूध को मिलाने से आपको एसिडिटी, जलन में लाभ मिलेगा औत पेट भी सही से साफ़ होने लगेगा.

कब्ज़ वाली संग्रहणी (IBS-C) में इसे एक गिलास पानी में जलजीरा मिला कर भी लिया जा सकता है.

अतिसार की संग्रहणी में

अधिक उग्र अतिसार वाली संग्रहणी (IBS-D) जिसमें colitis के कारण अतिसार हों या दिन में चार पांच बार से अधिक शौच आता हो तो PBF का उपयोग दिन में तीन बार भी किया जा सकता है.

लेकिन अतिसार की संग्रहणी में इसे आपको दूध की जगह छाछ या दही में मिलाना चाहिये.

जिसका सेवन भोजन के अंत में करें.

विशेष

मूल उपचार पूरा होने के बाद भी PBF लेना लाभकारी रहता है.

क्योंकि यह कोई औषधि न होकर एक बेहतरीन पूरक (सप्लीमेंट) है

जिसे नियमित उपयोग से पेट की कई समस्यायों से बचा रहा जा सकता है

जो बाद में कई असाध्य रोगों के कारण बनते हैं.

रेम आय बी एस (Rem-IBS) की उपयोग विधि

इस औषधि का उपयोग पेट के हानिकारक बैक्टीरिया और इन्फेक्शन का उन्मूलन करना है.

इसके उपयोग से SIBO और आँतों की सूजन (IBD) से उत्पन्न आंव के प्रकोप से भी राहत मिलती है.

GutCLR को पहले तीन या पांच दिन लेने के बाद, जब पेट की सफाई पूरी हो जाये,

तभी RemIBS का उपयोग आरम्भ करना चाहिये.

इसे दिन में तीन बार लीजिये.

सुबह के नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन के 15-30 मिनट बाद; आधा चम्मच (2 से 3 grams) पानी के साथ..

यदि आप केवल दो बार ही भोजन लेते हैं तब भी इसका उपयोग तीन बार करना चाहिये;

सुबह 9-10 बजे के बीच, दोपहर 3-4 बजे के बीच और रात के भोजन के बाद.

शुरुआत में इसे लेने पर कभी कभी दो या तीन दिन के लिए पेट में अधिक गैस बन सकती है या फिर अधिक डकार आ सकते हैं.

चिंता न करें, यह सामान्य है, और हर किसी को ऐसे अनुभव नहीं होते हैं.

यदि गैस बनती भी है तो रूकती नहीं और आसानी से निकल भी जाती है.

आपको Rem-IBS का उपयोग तब तक करना चाहिए, जब तक कि डकारें, आंव अथवा चिकनाई, अफारा, गैस, पेट दर्द में राहत और शौच की हाजत दिन में दो बार तक न आ जाये;

बीच बीच में, यदि पेट में भारीपन का अनुभव हो तो पेट की सफाई के लिए GutCLR का उपयोग कर सकते हैं.

सामान्य गैस और एसिडिटी की समस्या का निवारण Rem-IBS से हो जाता है.

लेकिन, यदि इसके 10-15 दिन के उपयोग के बाद भी जलन और एसिडिटी बने रहें तो यह Entral gastritis या अलसर के संकेत हैं.

ऐसी स्थिति में एसिरेम (Acirem) का उपयोग करना चाहिये.

विशेष

यदि यदा कदा अतिसार या दस्त की शिकायत हो तो Rem-IBS का उपयोग हर एक या दो घंटे में करना चाहिये

लेकिन मात्रा आधी कर देनी चाहिये.

मतलब, ऐसी स्थिति में आधे चम्मच की बजाये एक तिहाई या एक चौथाई चम्मच मात्रा ही पर्याप्त रहती है.

अधिक गैस की स्थिति में भी Rem-IBS का सेवन कर सकते हैं.

आपको तुरंत लाभ मिलेगा.

Anabol (एनाबोल) की उपयोग विधि

IBS के कारण आये आँतों के घावों की मुरम्मत, IBD (आँतों की सूजन) और

एनाबोलिक विकारों जैसे, जोड़ों व शरीर के दर्द, यूरिक एसिड, गाउट, कोलेस्ट्रॉल इत्यादि के लिए एनाबोल का उपयोग किया जाता है.

Anabol एक निरंतर लेने योग्य औषधि है जिसका आधा से एक चम्मच (2.5-5ग्राम) रोज़ सुबह खाली पेट शहद या पानी के साथ लिया जाना चाहिए.

जब तक कि रोग के लक्षण जैसे कि सुस्ती, आलस्य, शरीर जोड़ों में दर्द, अकडन, गैस का प्रकोप इत्यादि पूरे समाप्त न हो जाएँ.

इसे दिन में दो बार लीजिये, सुबह और शाम खाली पेट.

मात्रा आधा चम्मच (2-2.5 ग्राम) रखनी चाहिये.

सामान्य परिस्थिति में 15-20 बाद,

या फिर एनाबोलिक विकारों जैसे, जोड़ों व शरीर के दर्द, यूरिक एसिड, गाउट, कोलेस्ट्रॉल इत्यादि के ठीक होने के बाद (जो भी बाद में हो);

आप इसे केवल एक ही समय लीजिये.

सामान्य सेवन प्रक्रिया

यदि अतिसार के लक्षण अति उग्र न हों तो उपचार Gut-CLR से आरम्भ करें.

पहले तीन या पांच दिन तक, जब तक कि पेट पूरी तरह साफ़ न हो जाए, केवल Gut-CLR और PBF का ही उपयोग करें.

फिर Gut-CLR बंद कर दें और रेम-आय बी एस, PBF और Anabol-N का उपयोग करें.

आरम्भ के कुछ दिनों में, यदि रेम-आय बी एस लेते हुए आपको कुछ दिन बाद भारीपन और भूख की कमी का अनुभव हो तो Gut-CLR का उपयोग एक या दो दिन कर लिया करें.

विशेष परिथितियों में

यदा कदा कब्ज़ हो जाने पर Gut-CLR का उपयोग कुनकुने पानी के साथ करें.

लेकिन यदि आपकी कब्ज़ की शिकायत लगातार बनी रहती हो तो रेम-आय बी एस की अपेक्षा सोमेलो (Somalo) का ही उपयोग करना चाहिये.

यदि पेट या आँतों में सूजन आ गयी हो या अल्सरेटिव कोलाइटिस का प्रकोप हो तो इन औषधियों के अतिरिक्त Boswellia और WheatGrass के capsules का सेवन भी आपको अलग से बताया जाता है.

गुदाभाग के विकारों के लिए Colrecto

लेने का विधान है, जिसके लिए आपको अलग से बताया जाता है.

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