त्रिफला रसायन के लाभ फायदे उपयोग विधि triphala trifla rasayan benefits uses in hindi त्रिफला - बेहतरीन टॉनिक, बेहतरीन एंटीबायोटिक triphala त्रिफला ke gun labh fayde faide upyog triphala trifla churn powder ke gun labh fayde upyog health benefits of trifla churna in hindi त्रिफला रसायन के गुण लाभ फायदे उपयोग

त्रिफला रसायन – उपयोग करें, रोगमुक्त रहें

त्रिफला केवल पेट साफ़ करने की ही औषधि नहीं है. आयुर्वेद में इसे रसायन अथवा टॉनिक भी बताया गया है. त्रिफला रसायन इसलिए उपयोगी है क्योंकि त्रिफला के घटक तीनों दोषों को ठीक करते हैं.

हरड वातशामक है, तो बहेड़ा कफशामक और आंवला पित्तशामक.

जो औषधि सभी दोष मिटा दे. और दुर्बलता का निवारण करे, उसे ही रसायन कहा जाता है.

त्रिफला रसायन से कायाकल्प

कायाकल्प योग ऐसे योग को कहा जाता है जिसके उपयोग से शरीर के सब दोष मिट जाएँ

और काया फिर से पूर्ण नीरोगी हो जाये.

मनुष्य अपने शरीर का कायाकल्प कर सालों साल तक निरोग और जवान रह सकता है।

अकेला त्रिफला शुष्कता पैदा करता है.

इसलिए इसके कायाकल्प योग में घी और शक्कर या शहद मिलाये जाते हैं.

यह रसायन दुर्बलता का नाश करता है और स्मृति को बढाता है.

इसके नियमित उपयोग से चेहरा कांतिवान और ओजसयुक्त बनता है.

कायाकल्प हेतु त्रिफला रसायन जैसा निरापद और बढ़िया योग दूसरा कुछ नहीं है।

त्रिफला रसायन – बनाने और उपयोग की विधि

यह रसायन बनाना संभवत: सबसे आसान है.

आप बस 100 ग्राम त्रिफला में 100 ग्राम घी और और 100 शक्कर मिला दें.

रसायन तैयार है.

स्वाद और अधिक गुणकारी बनाने के लिए, यदि चाहें तो इसमें दो या तीन चम्मच त्रिकटु (काली मिर्च, सौंठ, पिप्पली का समभाग चूर्ण) भी मिला सकते हैं.

त्रिकटु न हो तो काली मिर्च और सौंठ ले सकते हैं.

आप चाहें, तो स्वाद बढाने के लिए घी और शक्कर की मात्रा बढ़ा भी सकते हैं.

इस रसायन का एक बड़ा चम्मच रोज़ सुबह खाली पेट और रात्रि को सोने से पहले लें. चाहें तो ऊपर से दूध पी लें.

त्रिफला रसायन के लाभ फायदे

आयुर्वेद में, इस रसायन की विस्तृत व्याख्या उपलब्ध है.

पारम्परिक वैद्य भी इसके गुणगान कुछ इस प्रकार करते हैं.

एक वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर चुस्त होता है।

दो वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर निरोगी हो जाता हैं।

तीन वर्ष तक नियमित सेवन करने से नेत्र-ज्योति बढ जाती है।

चार वर्ष तक नियमित सेवन करने से त्वचा कोमल व सुंदर हो जाती है।

पांच वर्ष तक नियमित सेवन करने से बुद्धि कुशाग्र हो जाती है।

छः वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर शक्ति में पर्याप्त वृद्धि होती है।

सात वर्ष तक नियमित सेवन करने से सफ़ेद बाल फिर से काले हो जाते हैं।

आठ वर्ष तक नियमित सेवन करने से वृद्धावस्था पुन: यौवन पा लेती है।

नौ वर्ष तक नियमित सेवन करने से नेत्र-ज्योति कुशाग्र हो जाती है.

सूक्ष्म से सूक्ष्म वस्तु भी आसानी से दिखाई देने लगती हैं।

दस वर्ष तक नियमित सेवन करने से वाणी मधुर हो जाती है.

स्वर में सरस्वती का वास हो जाता है।

ग्यारह वर्ष तक नियमित सेवन करने से वचन सिद्धि प्राप्त हो जाती है.

अर्थात व्यक्ति जो भी बोले वह सत्य हो जाता है।

त्रिफला रसायन – अन्य योग

इस योग में घी की जगह तिल का तेल लिया जाता है और शक्कर की जगह शहद.

त्रिफला, तिल का तेल और शहद, सब समान मात्रा में मिलाकर इस योग की 10 ग्राम मात्रा हर रोज गुनगुने पानी के साथ लें.

इससे पेट, मासिक धर्म और दमे की तकलीफे दूर होती है.

इसे 120 दिन लेने से शरीर का शुद्धिकरण हो जाता है.

और 6 महीने तक नियमित सेवन करने से चेहरे पर कांती आ जाती है।



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